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    सफर........….…......…...........….

  • samar bhaskar
    samar bhaskar
    • Posted on November 21
    सफर........….…......…...........….
    मैं बहुत दूर चला आया हूँ,
    जब भी ये सोच इतराया हूँ।
    मगर जब देखा आईने-अंजाम,
    खुद को वहीं खड़ा पाया हूँ।
    चला था जिस मोड़ से एक दिन,
    फिर आज उसी मोड़ पे चला आया हूँ।
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