Participating partners:


    शुबह का सूरज :

  • Ghanshyam Bairagi
    Ghanshyam Bairagi
    • Posted on April 23
    शुबह का सूरज :


    खोए-खोए से
    कैसे,
    आज मिले वह
    चौराहे में ;
    खोए-खोए से कैसे.
    कल की बात
    याद,
    आ ही गई.
    डबडबाई
    आंखों में जैसे...
    1 People like this
    Post Comments Now
    Comments