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    मैं रंगोली हूॅ , मेेरा मातृभूमि पर सन्देश देना ही कार्य है

  • Akshay Bhandari
    Akshay Bhandari
    • Posted on November 9, 2015
    मैं रंगोली हूॅ , मेेरा मातृभूमि पर सन्देश देना ही कार्य है
    मैं रंगोली हूॅ , मेरा मातृभूमि पर सन्देश देना ही कार्य है।

    मैं मातृभूमि को सजाकर

    उम्मीदो के रंग भरती हूॅ ,

    मैं रंगोली रंगो से

    सजकर मातृभूमि को

    श्रृंगारित करती हूॅ।

    मैं रंगोली हूॅ मेेरा मातृभूमि पर सन्देश देना ही कार्य है।

    है मुझको आशा मै रंगोली

    सजकर कुछ कहती हूॅ ,

    मै कभी कुछ तस्वीर बनकर

    तो कभी बेटी बचाओ , बेटी पढ़ाओ

    कभी स्वच्छता तो कभी पर्यावरण बचाओ

    का सन्देश देती हूॅ ,

    पर किसके आंगन की शान बनकर

    कभी किसी की आवाज बनती हूॅ।

    मैं रंगोली हूॅ , मेेरा मातृभूमि पर सन्देश देना ही कार्य है।

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    Comments (2)
    • Akshay Bhandari
      Vikas Kumar मैं रंगोली हूॅ , मेेरा मातृभूमि पर सन्देश देना ही कार्य है
      मैं रंगोली हूॅ , मेरा मातृभूमि पर सन्देश देना ही कार्य है।
      मैं मातृभूमि को सजाकर
      उम्मीदो के रंग भरती हूॅ ,
      मैं रंगोली रंगो से
      सजकर मातृभूमि को
      श्रृंगारित करती हूॅ।
      मैं रंगोली हूॅ मेेरा मातृभूमि...  Read more
    • Akshay Bhandari
      Akshay Bhandari अगर मैने अच्छी रचना (कविता) लिखी है तो जरुर लाईक करे।ओर मुझे प्रोत्साहित करे।