Participating partners:


    प्यास

  • samar bhaskar
    samar bhaskar
    • Posted on November 8, 2018
    प्यास
    बुझ जाते हैं एहसास के दिये,
    मगर अंगारी आस नही बुझती।
    सूख जाते हैं, समंदर जल जल कर,
    मगर दहकती प्यास नही बुझती।
    2 People like this
    samar bhaskar1 Guest Likes
    Post Comments Now
    Comments