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    देश में पल रहे मिलावटखोरो को ऎसे ही सबक ...

  • Akshay Bhandari
    Akshay Bhandari
    • Posted on February 19, 2017
    देश में पल रहे मिलावटखोरो को ऎसे ही सबक ...
    अपने देश में मिलावट खोर पल रहे है
    क्यों अपने ही अपने को छल रहे है
    न जाने देखकर भी नज़रे खामोश हो जाती है
    दो पल की हँसी ख़ुशी के लिए सेहत को
    ताक पर रख जाते है
    फिर भी अंदर से क्रोध जागता है लेकिन
    क्या करे अब झुठी हँसी ख़ुशी में दो पल का ही नुकसान है
    बस जी करता है सुनो सरकार अब यही
    फरमान है यह मातृभूमि पवित्र है
    'यहाँ पाप मत बढ़ाओ'
    वरना एक दिन सब सर्वनाश हो जायेगा
    मिली दुनिया फिर नही मिलेगी
    अब नही समझे कब सरकार जगेगी
    मालूम है उन्हें पर क्यों गूँगी बहरी सी लगती है
    जी करता है अब सेहत के दुश्मनों को हर
    चौराहे पर फाँसी पर लटका दूँ
    इस देश में पल रहे मिलावटखोरो को
    ऎसे ही सबक सीख ला दूँ।

    लेखक अक्षय आजाद भंडारी
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