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    तबीयत हरी :

  • Ghanshyam Bairagi
    Ghanshyam Bairagi
    • Posted on May 8
    तबीयत हरी :


    इस दरख्त को है पता
    कि,
    आँधियाँ तो आयेंगी.
    बस,
    अभी तक मौज है
    कल,
    अजनबी खौफ की.
    न खौफ का डर कभी,
    खडे़ रहना
    हिस्सा सफर का.
    जिंदगी चलती है ऐसे,
    एकला की राह पर ;
    बस हिम्मत बचा रहे
    दरख्त सी तबीयत हरी.
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