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    अम्बे अब ऐसा वर दे....

  • Amit k. Pandey 'Shashwats'
    Amit k. Pandey 'Shashwats'
    • Posted on September 26, 2017
    अम्बे अब ऐसा वर दे....
    ना उसके ना मेरे , माँ तू अपने मन की ही कर दे , अम्बे अब ऐसा वर दे ..... ना स्वाहा हो स्वाभिमान देश का , ना अपमान हो निर्बल जन का , सबला हो हर मन गंगो जमन का , अम्बे अब ऐसा वर दे .... निर्झर प्रवाहित हो नदियों का जल , निकलता जाए प्राणियों का खल, ना रहे भेद अमीर गरीब का , स्वच्छ हिंदुस्तान बने दृष्टि जग का , अम्बे अब ऐसा वर दे ..... नित्य खुला रहे द्धार विश्वास का , चिराग जलता रहे साहस प्रकाश का , एकला में भी नियति , जगत आभाष का , अम्बे अब ऐसा वर दे ........,माँ तू अपने मन की ही कर दे , अम्बे अब ऐसा वर दे ....
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