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    शासन - प्रशासन को चुनौती देता एक छात्रा के पढ़ने का जज्बा रबर के ट्युब के सहारे नदी पार कर जाती है पढ़ाई करने छात्रा ज्योती

  • Akshay Bhandari
    Akshay Bhandari
    • Posted on August 20, 2015
    शासन - प्रशासन को चुनौती देता एक छात्रा के पढ़ने का जज्बा रबर के ट्युब के सहारे नदी पार कर जाती है पढ़ाई करने छात्रा ज्योती
    मध्यप्रदेश सरदारपुर - राजगढ़। युवा पत्रकार अक्षय भण्डारी

    शासन - प्रशासन को चुनौती देता एक छात्रा के पढ़ने का जज्बा

    रबर के ट्युब के सहारे नदी पार कर जाती है पढ़ाई करने छात्रा ज्योती

    14 अगस्त को इसी नदी को पार करते समय छात्र की हो चुकी है मौत

    शासन-प्रशासन नही बना पा रहा है खईड़ीया नदी पर पुल

    मामला है सरदारपुर तहसील के बहुचर्चीत खईड़ीया नदी पर पुल नही बनने का। सरदारपुर के काली कराई उपबांध बनने से लगभग 10 ग्रामों के लोग रबर के ट्युब के सहारे नदी पार कर आवागमन करते है। इनमें मात्र 12 से वर्ष छात्रा ज्योती भी लगभग 4 वर्ष से रबर के ट्युब के सहारे नदी पार स्कुल पढ़ने जाती है। छात्रा को पढ़ाई का इतना जुनुन है की वह बिना डरे ही ट्युब के सहारे नदी पार स्कुल पढ़ने जाती है।
    यह है मामला:- सरदारपुर तहसील के ग्राम पंचायत देदला के लगभग 10 ग्राम जहां आदिवासी परिवार निवास करता है। जहां कालीकराय उपबांध बनने से क्षैत्र की झईड़ीया नदी में साल 10 महिने पानी भरा रहता है। लोगो को यह खईड़ीया नदी पार करने के बाद दुसरे गांव में आवागमन करते है। प्रशान द्वारा लोगो को पहले नाव मुहैया करवाई गई थी लेकिन वह नाव टुट जाने के बाद लोग ट्युब के सहारे नदी पार कर जाते है। ऐसे में 8 वीं कक्षा में पड़ने वाली ज्योती भी ट्युब के सहारे जान जोखीम में डालकर नदी पार कर स्कुल पड़ने जाती है।
    ट्युब के सहारे नदी पार करते वक्त 14 अगस्त को हो चुकी है बालक की मौत:- शासन-प्रशासन द्वारा यह मामला अनदेखी करना बहुत पड़ गया है। इसी खईड़ीया नदी को ग्राम पंचायत देदला के मजरा बिड़ का 10 वीं में पड़ने वाला छात्र महेन्द्र पिता नंदराम 14 अगस्त की शाम को ट्युब के सहारे खईड़ीया नदी पार कर राजेद स्थित अपने छात्रावास में पड़ने जा रहा था तभी ट्युब पलटने से छात्र की मौत हो गई। छात्र के पिता नंदराम ने बताया की महेन्द्र राजोद में छात्रावास में रहकर पढ़ाई करता था कुछ दिनों से घर आया हुआ था और 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस में शामिल होने ट्युब के सहारे नदी पार कर जा रहा था लेकिन बिच रास्तें में ट्युब पलट गया और महेन्द्र नदी में डुबने से मौत हो गई। वहीं छात्र महेन्द्र के छात्रावास अधिक्षक मड़ीया भाबर ने बताया की छात्र महेन्द्र पड़ने में होनहार था। वह अपनी बहन के साथ घर गया था और 14 अगस्त को खबर आई की ट्युब से नदी पार करते समय डुबने से उसकी मौत हो गई।

    मौत के बाद भी छात्रा ज्योती के होसले बुलंद:- इधर अभी भी ट्युब के सहारे नदी पार कर स्कुल जा रही छात्रा ज्योती का होसला बुलंद है। चाहे भले ही नदी पार करते समय छात्र महेन्द्र की मौत के बाद भी छात्रा ज्योती जान जोखीम में डालकर पढ़ाई करने जा रही है। अगर खईड़ीया नदी पर पुल बन जाये तों यह सारी समस्या हल हो जायेगी। वहीं ग्रामीणों का भी कहना है की हमने कई बार इस मामले को लेकर जनप्रतिनिधी से लगाकर अधिकारी तक गुहार लगाई है लेकिन अभी तक पुल नही बना है। साथ ही क्षैत्र में कई मुलभुत सुविधाए भी नही हैं।

    सरदारपुर एसडीएम शैलेन्द्र सोलंकी का कहना है की हमने यह मामला वरिष्ट अधिकारीयों के सज्ञान में डाल रखा है। छात्र महेन्द्र की मौत की सुचना भी मिली है। हम पुरी तरह से पुल बनाने की कोशीश कर रहे है
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