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    भिलाई का विकास, छत्तीसगढ़ का विकास :

  • Ghanshyam Bairagi
    Ghanshyam Bairagi
    • Posted on May 3
    भिलाई का विकास, छत्तीसगढ़ का विकास :


    दुर्ग-भिलाई विकास योजना को अंतिम रूप देने
    जनप्रतिनिधियों से सुझाव आमंत्रित की गई,

    दुर्ग-भिलाई निवेश क्षेत्र में 95 ग्राम एवं 6 नगरीय ईकाइयां
    कुल निवेश क्षेत्र 819.42 वर्ग किलोमीटर होगा :

    दुर्ग-भिलाई : नगर निगम दुर्ग, नगर निगम भिलाई, नगर निगम भिलाई-तीन, एक-दूसरे से ऐसे जुड़े हुए हैं जैसे, हमारे शरीर का पूरा अंग ! वहीं, राजनांदगांव, कवर्धा, बेमेतरा, बलौदाबाजार, रायपुर, धमतरी और बालोद जिला दुर्ग-भिलाई से 'टच' करता है.
    इसीलिए, कहा जाना कोई अतिशयोक्ति नहीं ! कि, दुर्ग-भिलाई का विकास, छत्तीसगढ़ का विकास होगा. जहाँ एशिया का बड़ा स्टील कारखाना, भिलाई इस्पात संयंत्र स्थापित है.
    दुर्ग-भिलाई विकास योजना हेतु छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की वैधानिक प्रावधानों के तहत गठित समिति की बैठक कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित की गई. सांसद ताम्रध्वज साहू, विधायक विद्यारतन भसीन और अरूण वोरा, महापौर दुर्ग के श्रीमती चंद्रिका चन्द्राकर, महापौर भिलाई देवेन्द्र यादव, भिलाई-चरोदा के महापौर श्रीमती चन्द्रकांता मांडले, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती माया बेलचंदन, कलेक्टर उमेश कुमार अग्रवाल, प्रशासनिक अधिकारी एवं पंचायत प्रतिनिधियों की मौजूदगी में आयोजित इस बैठक में जनप्रतिनिधियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों से दुर्ग-भिलाई विकास योजना की पुनर्विलोकन प्रारूप को अंतिम रूप देने सुझाव आमंत्रित की गई.
    कलेक्टर ने अवगत कराया कि आने वाले समय में दुर्ग-भिलाई महानगर का स्वरूप लेने जा रहा है. इसको ध्यान में रखते हुए नगर को महानगर के अनुरूप विकसित किया जाना है. उन्होंने कहा कि नगर के पुराने विकास योजनाओं का विश्लेषण कर नगर तथा ग्राम निवेश विभाग द्वारा पुनर्विलोकन प्रारूप तैयार की गई है. उन्होने कहा कि जनप्रतिनिधियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों के सुझाव के आधार पर पुनः निवेश क्षेत्र की विकास योजना प्रदर्शित किया जाएगा. उन्होंने नगर तथा ग्राम निवेश के अधिकारियों से जिले के नगरीय निकायों में प्रारूप का प्रदर्शन कर जनप्रतिनिधियों से सुझाव लेने के निर्देश दिए हैं.
    कलेक्टर ने पंचायत प्रतिनिधियों को संबंधित क्षेत्र में अवैध निर्माण पर विशेष ध्यान देने की बाते कही. साथ ही अवगत कराया कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध प्लाटिंग की पहचान जिला प्रशासन द्वारा करा ली गई है.
    बैठक में ग्राम एवं नगर निवेश के अधिकारियों ने दुर्ग-भिलाई विकास योजना हेतु प्रस्तावित प्रारूप के निवेश क्षेत्र व क्षेत्रीय अवस्थिति, भौतिक संरचना, प्रशासनिक ईकाइयां, स्थलाकृति मानचित्र, वर्तमान भूमि उपयोग व नगरीय अधोसंरचना के संबंध में पावर पाइंट प्रेजेटेंशन के माध्यम से जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया. अधिकारियों ने बताया कि दुर्ग-भिलाई निवेश क्षेत्र में 95 ग्राम एवं 6 नगरीय ईकाइयां सम्मिलित है. कुल निवेश क्षेत्र 819.42 वर्ग किलोमीटर है.
    बैठक में जनप्रतिनिधियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों को दुर्ग-भिलाई विकास योजना प्रस्ताविक भूमि उपयोग 2031 प्रारूप मानचित्र का भी अवलोकन कराया गया.

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