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    गांव से ही मिली कामयाबी :

  • Ghanshyam Bairagi
    Ghanshyam Bairagi
    • Posted on October 2
    गांव से ही मिली कामयाबी :

    सकरौद के राकेश पुरी गोस्वामी,
    ताइक्वांडो के कोच और नेशनल रेफरी :

    भिलाई : कामयाबी कहीं छिपती नहीं ! कामयाबी कहीं से भी चलें, मिल ही जाती है ?
    आज से बीस साल पहले की बात करें, तो छत्तीसगढ़ के ( उस समय मध्यप्रदेश ) दुर्ग जिला मुख्यालय से महज 27 किमी दूर ग्राम सकरौद में सड़क कीचड़ से लबरेज रहती थी.
    आज भी जहाँ बस सुविधा नहीं है.ऐसे गांव से एक युवक, ताइक्वांडो जैसे लुप्त होती खेल को नई दिशा देने, इस गांव से निकलकर भिलाई आया, जो आज इस खूबसूरत खेल का कोच है राकेश पुरी गोस्वामी.
    जिन्होंने दुर्ग के कई स्कूलों में ग्रामीण बेटियों को आत्मरक्षा के गुर सिखाते हुए ताइक्वांडो का महत्व भी प्रतिपादित किया है.
    राकेश पुरी गोस्वामी को गत दिनों, मुम्बई के टीवी कलाकार, अमर उपाध्याय जो कि "सास भी कभी बहू थी" "डोली सजा के रखना" और 300 से भी अधिक धारावाहिकों में बतौर नायक के काम कर चुके कलाकार से मिलने का मौका मुम्बई में मिला.

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