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    वाकई देश बदल रहा है ? चुनावों और हड़ताल के बीच ! पर, गांव से शहर की दूरी कम नहीं हो सकी ? :

  • Ghanshyam Bairagi
    Ghanshyam Bairagi
    • Posted on April 24
    वाकई देश बदल रहा है ? चुनावों और हड़ताल के बीच ! पर, गांव से शहर की दूरी कम नहीं हो सकी ? :


    छत्तीसगढ़ परिचारिका कर्मचारी कल्याण संघ द्वारा,
    शांति प्रिय ढंग से अपने हक के लिए ;
    सरकार को जगाने का पुन: प्रयास :

    रायपुर-भिलाई : हम बार-बार सुन और पढ़ रहे हैं, कि मेरा देश बदल रहा है. चुनाव होते रहें है ; ( अभी कर्नाटक में ) धरना प्रदर्शन होते रहे हैं ( दिल्ली में ) छत्तीसगढ़ एक नया राज्य है, जिसे विकसित करने बनाया गया है ! ये अतिशयोक्ति नहीं ? मध्यप्रदेश में रहते यहाँ का विकास नहीं हो रहा था ? ये नेता कहते थे.

    बड़े शहरों से आज भी दूर है गांव -

    तो क्या आज, दुर्ग - भिलाई - रायपुर जैसे बड़े शहरों से गांव जुड गया ? जहाँ इन्हे शहरों से, महज 15 किलोमीटर दूरी के बाद, लोग पैदल ही जाने मजबूर हैं ! जबकि, छत्तीसगढ़ सरकार सोसायटी के माध्यम से बसें चलाने रही हैं.
    अब, छोड़िए इन बातों को ; मेरा गांव बस सुविधा से नहीं जुड़ा इसीलिए यह व्यक्तिगत हो सकता है.

    सरकार से खुश क्यों नहीं, कर्मचारी -

    लेकिन, सरकार के मुलाजिम आए दिन, रुष्ट क्यों हो रहे हैं ? पहले, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका की हड़ताल ! अब...
    छत्तीसगढ़ परिचारिका कर्मचारी कल्याण संघ के तत्वाधान में विगत तीन वर्षों से अपनी वैध मांगों एवं समस्याओं को लेकर कई बार राज्य शासन से गुहार लगाई है. लेकिन अभी, वर्तमान समय तक, राज्य में भारतीय जनता पार्टी की शासन ने इस ओर ध्यान नही दिया हैं.
    इसी माह, 17 से 19 अप्रैल 2018 को तीन दिवसीय, काली पट्टी लगाकर कार्य करते हुए शासन को चेतावनी दी गई थी.
    हड़ताली कर्मचारियों का कहना है, 23 अप्रैल से 26 अप्रैल 2018 तक चार दिवसीय अपने-अपने कार्यस्थलों में आज दूसरे दिन 2 घण्टे नारे बाजी करते हुए सोई हुई राज्य सरकार को जगाने का प्रयास किया गया.

    कर्मचारियों का अगला संकेत होगा -

    01 मई को अपने अपने अस्पताल एरिया में माननीय मुख्य मंत्री जी के चित्र पर आरती उतार कर निवेदन किया जाये ताकि प्रसन्न होकर ग्रेड पे 4600 कर देवे.

    फिर आगे होगा -

    12 मई तक, यदि वर्तमान शासन द्वारा किसी भी प्रकार का कोई निर्णय नही लिया जाता है, तो "नर्सेस डे" को सेलिब्रेट न करके उस दिन काला कपड़ा पहन कर शोक दिवस मनाया जायेगा.
    अगर छत्तीसगढ़ शासन इसके बाद भी कोई निर्णय नही लिया, तो 18 मई से पूरी नर्सेस द्वारा, एक साथ मैदान में अपनी एकता व शक्ति का परिचय देते हुए अनिश्चितकालीन कार्य बंधित असहयोग आंदोलन के लिये हल्ला बोला किया जाएगा.

    क्या है मांग पत्र -

    (१) सामान कार्य ,सामान वेतन.
    (२) ग्रेड -पे 4600 एवं ग्रेड -2 का दर्जा चाहिए.
    (३) 3-4 वेतन विद्धि का लाभ.
    (४) नर्सिग एलाउंस एवं अन्य भत्ते में विद्वि.
    (५) समस्त नर्सिग कैडर के अनुरूप वेतनमान में विद्धि.
    (६) नर्सेस क्वाटर चिकित्साल्य के समीप.
    (७) स्टाफ की कमी को दूर करिये.

    आज, 24 अप्रैल को दूसरे दिन 2 घण्टे के लिये अपने-अपने कार्य क्षेत्र, रायपुर स्थित डॉक्टर भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय मेकाहारा, अस्पताल के मुख्य द्वार के पंडाल में सभी स्टाफ नर्स एकत्रित होकर शांति प्रिय रूप से नारेबाजी करते हुए राज्य सरकार को जगाने का प्रयास किया गया.

    पूरे छत्तीसगढ़ में चल रहा है यह हड़ताल -

    साथ ही, रायपुर के अलावा ; छत्तीसगढ़ परिचारिका कर्मचारी कल्याण संघ के सदस्यों ने जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, राजनांदगांव मेडिकल कालेज,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजनांदगांव, धमतरी, जगदलपुर और रायगढ़, में भी भाग लेकर अपने आंदोलन को सफल बनाने में लगे हुए हैं.
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