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    बीएसएनएल के हालात से लगता है! डिजिटल इंडिया कैसे बनेगा अटल!

  • Akshay Bhandari
    Akshay Bhandari
    • Posted on September 29, 2016
    बीएसएनएल के हालात से लगता है! डिजिटल इंडिया कैसे बनेगा अटल!
    जनाब जिनकी केंद्र में सरकार है जेसे ही उन्होंने डिजिटल इंडिया का सपना लोगो को दिखाया लेकिन सरकार जरा अपने ही केंद्र से पुछ ले कि वह दूरसंचार विभाग यानि बीएसएनएल के क्या हालात है अगर सरकार वाकई डिजिटल इंडिया को मजबूती से आगे बढ़ाना चाहती तो अपने ही विभाग को मजबूत करे और जाने क्या बीएसएनएल क्यों नही डिजिटल इंडिया को कैसे घर-घर पहुचायेगा।
    कहते है सरकार जनता से वादा निभाती है और लेकिन हर साल बेमिसाल बनाती है तो रुकिए केंद्र सरकार क्या डिजिटल इंडिया का सपना कैसे पूरा करेगी? क्या आज के युग में इंटरनेट क्रांति की शुरुआत केंद्र के ही अपने दूरसंचार विभाग लोगो से दूर जा रहा है तो जनाब यह भी सुनिए महज बैंक में बीएसएनएल के इंटरनेट लगे हुए है तो वहा बेठे ग्राहकों की भी पड़ताल कीजिये क्या बैंक में कई बार इंटरनेट की वजह से दिक्कतों सामना ग्राहकों को और वहा बेठे बैंक के अधिकारियों को करना पड़ता है!
    यहाँ ही नही जनाब बढे ख्वाब तो लोगो ने देखे भी है और आप से केंद्र में बेठे लोग इंटरनेट क्रांति की धीमी गति बीएसएनएल से क्यों! जानिए यह भी क्या बीएसएनएल किन कारणों से गाँवो गाँवो पहुँच पा रहा है
    अब सवाल यह भी है जब लोगो के घरो में टेलिफोन हुआ करते थे और टीवी में जब एक विज्ञापन बीएसएनएल की और से आता था और उसके ऎसे शब्द जो आज भी लोगो की जुबान पर आते ही होंगे,,,नई दिशाएं,,,नई हवाए,,,हिन्दुस्तान बोल रहा है,,,अब दुरी रहे न अधूरी,,,हर गांव बोल रहा है,,,जनाब सवाल यही है की आज भी अगर यह धुन सुनने को मिलती है तो मन में सवाल उठते है ही है कहा गलती हो गई,,, कहा चूक हो गई जहा आज बीएसएनएल का स्तर लोगो को लुभाने की बजाए दूर होता जा रहा है आखिर कार क्या मोदी सरकार डिजिटल इंडिया से लोगो को जोड़ने की मुहिम भले अच्छे हो पर प्रायवेट टेलीकॉम कंपनी के कारण सहकारी क्षेत्र की ही कंपनी बीएसएनएल यानि जिसका जिक्र शुरुआत से ही कर रहे है दूरसंचार विभाग जिसका अपना अलग ही नेटवर्क है और बीएसएनएल और एमटिएनएल का ब्रॉडबैंड नेटवर्क हिन्दुस्तान में है पर न जाने क्यों कमजोर सा प्रतीत होता दिख रहा है। कहा आखिर बीएसएनएल की दिशा कहा भटक गई,,,कहा नई हवाए उपभोक्ता ओ को लग रही है की वह धीरे धीरे दूर हो रहे है,,,आखिर कैसे दुरी अब अधूरी होती नजर आ रही है,,,अब सारी बातो का जिक्र इसलिये कर रहे है क्योकी गांवो तक ठीक शहरो तक ही ठीक से बीएसएनल का लाभ ठीक से नही मिल पा रहा है लेकिन उपभोक्ताओ को परेशाान होना पड़ता ही है बात टेलीफोन की हो या ब्राॅडबेन्ड की इस पर भी जहा तक जानकारी है महानगरो में तो कुछ हद तक सेवा मिल रही है पर वहा पर भी ठप किसी कारण हो ही जाती है पर छोटे शहरो ओर गावों की बात कर रहे वहा के हालात तो ऐसे है कई उपभोक्ता बनना तो चाहते है लेकिन बन नही पाते है कई उपभोक्ता ऐसे है जो टेलीफोन के साथ ब्राॅडबेन्ड भी लेना चाहते है पर किसी न किसी कारण लाभ नहीे मिल पा रहा है।
    भला कैसे यह डिजिटल इंडिया का सपना सफल और डिजीटल इंडिया का सपना अटल हो पायेगा!
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