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    अनुभवों का सत निचोड़ कर चलो

  • Raj Kumar Kapoor
    Raj Kumar Kapoor
    • Posted on November 20
    अनुभवों का सत निचोड़ कर चलो
    संबंधों को गले लगा कर चलो
    प्रेम की गंगा बहा कर चलो
    आंख कान खोल कर चलो
    शब्दों में चाशनी घोल कर चलो
    किसी की तारीफ बोल कर चलो
    किसी की बुराई भूल कर चलो
    मैं, मेरा का गरुर छोड़ कर चलो
    अनुभवों का सत निचोड़ कर चलो
    राज, प्रभु के चरणों मे दौड़ कर चलो
    राज कुमार कपूर
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