Participating partners:


    शब्द साहित्य :

  • Ghanshyam Bairagi
    Ghanshyam Bairagi
    • Posted on November 10, 2017
    शब्द साहित्य :

    ☆ "इत्तेफाक" ☆
    ~~~~~~~~ इत्तेफाक ! क्या है आखिर, इत्तेफाक ? कहीं कोई विचार मन में आ जाते , तो उस विषय पर सोच पुन: मन में आए कि, वह विचार पूर्ण हो जाये । और यदि सच में ऐसा ही कुछ हुआ ! तो वह इत्तेफाक हो गया ।
    इत्तेफाकन देखो मैने आपका नाम लिया ही, और आपसे मुलाकात हो गई । इस तरह की बातें कहने वाले और सुनने वाले, दोनों को प्रभावित करता है । चाहे वह किसी से खुशी-खुशी मिलना हो या , सहीं में हो जाए इत्तेफाक ।
    खुशी-खुशी मिलने में तो कोई बात नहीं , भले ही वह मिलना इत्तेफाक ना हों । लेकिन, इस शब्द का मान बढ़ जाता है । और मिलने वालों का प्यार ।
    परन्तु , ना चाहते हुए मिलना इत्तेफाक हों जाये । फिर,मन की बाते , अरे यार ... यह कहां से मिल गया ? उस समय यदि, ना चाहते हुए भी कहें , यह इत्तेफाक ही था कि, आप आयेंगे और हम मिलेंगे ! तो भी , शब्द तो पूरा हो ही जाता है । भले ही विचार अलग हों ? लेकिन, है तो इत्तेफाक ।।
    ----------------------------
    -- घनश्याम जी. बैरागी
    08827676333
    ==============
    1 People like this
    Post Comments Now
    Comments