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    सब सच दिखता है :

  • Ghanshyam Bairagi
    Ghanshyam Bairagi
    • Posted on January 6
    सब सच दिखता है :

    सब सच दिखता है,
    बस ;
    दस रूपए का नोट ।
    छुप गये
    पांच और दो,
    एक भी हो गये लापता ।।
    पग-पग में
    करते बोल,
    यह कैसी है आफता ।
    या ;
    हो गई आपातकाल ।।
    नहीं है,
    यह आफत ।
    न कोई आपातकाल ।।
    बस,
    भ्रम है दोस्तों ।
    यह सच दिखता है ।।
    बस ;
    सच ही दिखता है ।
    दस रूपए का नोट ।।
    वही तो बिकता है,
    जिसमें ;
    सब-कुछ मिलता ।।
    सच्चाई स्वीकार लो,
    जो अभी दिखता है ।
    वही सच्चा होता है
    चाहे हो ;
    दस रुपए का नोट ।।
    भूल जाओ
    पांच और दो,
    नोट एक रुपए के भी ।
    गई अठन्नी-चवन्नी,
    बन गये ;
    पांच एक और दो ।।
    सब सच दिखता है ।
    बस दस रुपए का नोट ।।

    - घनश्याम जी.बैरागी
    08827676333
    gbairagi.enews@gmail.com
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