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    वो खुशी ही क्या जो होठों पर रह जाए

  • roshani goyal
    roshani goyal
    • Posted on May 19
    वो खुशी ही क्या जो होठों पर रह जाए
    वो दर्द ही क्या जो आंखों से बह जाए
    वो खुशी ही क्या जो होठों पर रह जाए,
    कभी तो समझो मेरी खामोशी को
    वो बात ही क्या जो लफ्ज आसानी से कह जायें.
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