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    लहर

  • samar bhaskar
    samar bhaskar
    • Posted on January 4
    लहर
    लहर...............
    तू आयी मेरी जिंदगी में भँवर बनकर,
    और मै खड़ा रहा तेरे आगोश में।
    मैं समाता चला गया तुझ में तुझ तक,
    मुझे खबर भी न हुई जुनूने-जोश में।
    मैं भूल गया कि तू है न टिकने वाली लहर,
    और तू चली गयी जब तक मैं आया होश में।।
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