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    रहें सबके साथ करते इबादत :

  • Ghanshyam Bairagi
    Ghanshyam Bairagi
    • Posted on April 15
    रहें सबके साथ करते इबादत :


    कभी रुकती नहीं,
    जब तक हम जीवित हैं.
    करते रहें इबादत,
    कभी गम में कभी खुशी में !
    जिंदगी सफर है,
    तो ;
    गम भी है संग खुशी के ?
    आज साथ है जो,
    कल ना भी रहे !
    सब इबादत हमारी
    हर जगह कबूल ही रहे.
    कि,
    हम करते हैं जो
    सेवा, काम स्वयं हों जो,
    परिजनों से प्रेम
    मित्रता अपनों सी !
    बस,
    छूटे ना कभी
    ये फर्ज जो,
    यही तो सच्ची इबादत है हमारी.
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