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    रहनुमाई किसकी

  • Amit k. Pandey 'Shashwat'
    Amit k. Pandey 'Shashwat'
    • Posted on October 21, 2016
    रहनुमाई किसकी
    अपनों के दरम्यान ऐसे भी निकले , मुआ एक चने खातिर भांड निकले (1) वार करने का मंसूबा उन्हें ही आया , जो हमारे गुनाहगार निकले (2)
    . हमें वेवफा साबित करने वाले , पावँ के निचे के धार निकले .(3) लो कसम जो हमने ना देखि है प्रहार , तुम किस प्रचार में निकले .(4) अंगारे हम भी समझते हैं , दबा रखी है , तभी पतवार निकले .(५) डूबना तुम्हे होगा ही मझधार में , हम तो डूबे- डुबाए किरदार निकले (५)
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    Comments (1)
    • Amit k. Pandey 'Shashwat'
      Aashana lalvani क्या बात है, यह बहुत क्रिएटिव है