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    बेपनाह मौहब्बत...

  • Ashutosh
    Ashutosh
    • Posted on September 13
    बेपनाह मौहब्बत...
    बेपनाह मौहब्बत...
    क्या नाम दूँ उस मौहब्बत को
    क्या मुकाम दूँ उस मौहब्बत को
    जो समुन्द्र की गहराई को ङूबा ले
    आकाश की ऊंचाई को समा ले
    जो सूरज से तेज चमकती है
    फूलो से ज्यादा महकती है
    जो पत्थरो को भी पिघंला दे
    और शोलो से ज्यादा दहकती है
    नजरे उठा कर देखूँ तो
    हर चीज मे जो दिखती है
    कहते है बेपनाह मौहब्बत उसको
    जो मरने के बाद भी नही मिटती है ।।
    आशुतोष सैनी 09528055693
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