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    बदलती सुबह

  • Amit k. Pandey 'Shashwat'
    Amit k. Pandey 'Shashwat'
    • Posted on September 8, 2016
    बदलती सुबह
    दिल शायर था तुम से मिलने पर , घर आ गई तो पूरा कायर निकला : . आँखों से छलकते थे तुम्हारे जज्बात , अब तो करना भारी पड़ता गलबात .: छोटी छोटी बातें तेरी परेशां दिखाती थीं, अब मेरा चुप चाप लिखना बदनाम बनाती हैं .:
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