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    धन्यवाद

  • Vinod Kumar saxena
    Vinod Kumar saxena
    • Posted on February 7
    धन्यवाद
    धन्यवाद उन शीर्ष जीवियों को जो माँग रहे हिसाब।
    बेरोजगारी और शैन्य खरीद पर प्रश्न उत्तर वेहिसाव।।
    ३६ करोड़ से १३० करोड़ का कौन हैं जो दे हिसाब ।
    जाति २ खंण्तित अनिश्चित अन्धे की रेवडी का हिसाब ।।
    १ रु का १ डालर आज ६५ का कौन दे रहा हैं हिसाब ।
    जंगे आजादी के ७लाख दंगे के १० लाख का पहले दे
    लौटा दो हो सके तो वीर भगत सिंह चन्द्र और सुभाषचंद्र
    लौटा दो इंदिरा जी लाल बहादुर जी फिर मांगना हिसाब ।।
    रोती बेटी कोख में या सड़क पर तडफती का दो हिसाब ।
    शहीदों के परिवार कश्मीर के भेंट चढ़े उनको दो हिसाब ।।
    एक कुत्ता खा गया करोड़ों मार कर हमारे शेर कैसे क्यों ।
    भारत भाग्य विधाता पहले दे दो इन सबको हिसाब ।
    आज चाय पकोडो़ के सिवा नहीं देखते भारतीय रूवाब।।
    आज नहीं तो कल माँगेगा हर भारतीय अपना हिसाब ।
    दल दल बहुत हो लिया मिलकर अब चलना हैं साहब ।।
    नहीं एक दिन खुद माँगेगी माँ भारती अपना ही हिसाब।
    वन्दे मातरम नहीं तो खैर मकदम मादरे वतन कहो जनाब।।
    भुला कर कड़वी यादें दे श हित को सोच शान से माँगे हिसाब
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