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    दर्द तेरी आहट का

  • samar bhaskar
    samar bhaskar
    • Posted on July 11
    दर्द तेरी आहट का
    मेरी आँखों की दरिया में बारिश न कर
    ये पहले से ही उफान पर है।
    न हवा दे मेरे दिल-ए-दर्द के सैलाब को
    ये पहले से ही तूफ़ान पर है।
    तेरी आहट कर देती है दिल छलनी
    वो दर्द दिल के हर निशान पर है।
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