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    तेरी मेहरबानियां

  • samar bhaskar
    samar bhaskar
    • Posted on June 23
    तेरी मेहरबानियां
    मै दीद का प्यासा तड़प रहा था,
    तू आया रूप की बरसात बनकर।
    जहाँ में मै तन्हा अकेला था,
    तू आया नयी कायनात बनकर।
    जहर-ए-जुदाई से मर रहा था,
    तू आया आब-ए-हयात बनकर।।
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