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    तडप...

  • Ashutosh
    Ashutosh
    • Posted on October 4
    तडप...
    तडप...
    वो मैखाने छूट गये
    वो पैमाने टूट गये
    महफिले सजाने वाले
    वो याराने रूठ गये
    ना कोई मजिंल रही
    ना अब रास्ता रहा
    ना किसी से मतलब
    ना कोई वास्ता रहा
    ना ख्वाइशे रही
    ना रही तमन्ना बाकी
    पीते-पीते मर जाऊ
    भर-भर के पीला साकी
    गम छुपाए बैठे थे
    तडप की आग बुझाए बैठे थे
    दर्दे-ए-दिल भी दबाए बैठे थे
    कमबख्त आँख से आँसू फूट गये
    महफिले सजाने वाले
    वो याराने रूठ गये ।।
    आशुतोष सैनी 09528055693
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