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    गम-ऐ-मौत

  • Ashutosh
    Ashutosh
    • Posted on March 30
    गम-ऐ-मौत
    गम-ऐ-मौत
    उसकी चाहत को अपना समझ
    उसे चाहने लगा
    उसकी यादो को धड़कन समझ
    दिल में बसाने लगा
    उसकी साँसों को खुसबू समझ
    खुद को महकाने लगा
    उसकी आवाज को गीत समझ
    गुनगुनाने लगा
    उसकी तस्वीर को दिल से लगाकर
    इतराने लगा
    उसका चेहरा आँखों में लेकर
    सपने सजाने लगा
    उसकी बातो को मोहब्बत समझ
    सबको सुनाने लगा
    पर जब से मालूम हुआ
    वो मोहब्बत नहीं गम-ऐ-मौत है
    तभी से पीने लगा शराब
    और पल पल खुद को मिटाने लगा !!

    By ASHUTOSH SAINI
    09528055693
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