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    कहर इश्क का

  • samar bhaskar
    samar bhaskar
    • Posted on July 7, 2017
    कहर इश्क का
    पहले इश्क बौछार की
    फिर गिरा दी बिजली इस दरख़्त पे।
    देकर खंजर कराया गुनाह
    फिर तूने ही चढ़ाया फांसी के तख़्त पे।
    पर कभी शिकायत न की
    और दे देते हैं जां इश्क के किसी वक्त पे।
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