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    कहर इश्क का

  • samar bhaskar
    samar bhaskar
    • Posted on July 7
    कहर इश्क का
    पहले इश्क बौछार की
    फिर गिरा दी बिजली इस दरख़्त पे।
    देकर खंजर कराया गुनाह
    फिर तूने ही चढ़ाया फांसी के तख़्त पे।
    पर कभी शिकायत न की
    और दे देते हैं जां इश्क के किसी वक्त पे।
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