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    एक झलक ।।

  • Ghanshyam Bairagi
    Ghanshyam Bairagi
    • Posted on November 12
    एक झलक ।।

    तेरी एक झलक पाने की तमन्ना,
    इबादत है मेरी ।
    कहीं दूर भी हों ना फर्क पड़ता,
    यह चाहत है मेरी ।।
    चाहत बड़ी होती है,
    न चाहे ;
    वह क्या जाने ।
    रुखसत होने से पहले,
    एक झलक ही पा जायें ।।

    - घनश्याम जी.बैरागी
    08827676333
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