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    उड़ान भरने लो :

  • Ghanshyam Bairagi
    Ghanshyam Bairagi
    • Posted on January 29
    उड़ान भरने लो :


    उड़ान,
    एक चाहत है ।
    उड़ने की परिकल्पना है ।।
    पंछी,
    पिंजरा छोड़कर उड़ा तो,
    यह उनकी
    सबसे बड़ी उड़ान ।
    ऐसी उड़ान
    मानव-मन,
    कल्पना की उड़ान है ।।
    पंछी,
    जब खूब इतराते
    फूलों पर जैसे उड़ जाते ।
    मानव,
    मंजिल पर पहुंचे तो ।
    जीवन की ये बड़ी उड़ान ।।
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    - घनश्याम जी.वैष्णव बैरागी
    08827676333
    gbairagi.enews@gmail.com
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