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    असलियत इश्क की

  • samar bhaskar
    samar bhaskar
    • Posted on May 30
    असलियत इश्क की
    इश्क करना तो फूलों से क्या,
    वो बेवफा तो पल भर में मुरझा जाते है।
    वफ़ा तो कांटे ही निभातें है ,
    जो चुभने के बाद भी निशाँ दे जातें हैं।।।
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