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    ● आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका

  • Ghanshyam Bairagi
    Ghanshyam Bairagi
    • Posted on March 9
    ● आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका

    ● हड़ताल पर जाने वालों की सेवा समाप्ति करने के निर्देश :

    छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचल में प्राथमिक शिक्षा का प्रथम केंद्र है, आंगनबाड़ी । यहाँ से ही होकर बच्चे, स्कूली शिक्षा का शुभारंभ करते हैं । यहाँ, आंगनबाड़ी केन्द्र की कार्यकर्ता, सहायिका मानदेय आधारित पद पर कार्यरत हैंं, ऐसे में सरकार के साथ मानदेय वेतन बढ़ाने, नियमित कर्मचारी मानने, आदि विषयों को लेकर हर साल, किसी न किसी रुप से हड़ताल पर चले जाते हैं ।
    छत्तीसगढ़ सरकार महिला एवं बाल विकास विभाग ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के हड़ताल पर जाने पर अत्यंत कड़ा रवैय्या अपनाते हुए ऐसे कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं की सेवा समाप्ति की प्रक्रिया तत्काल आरंभ करने के निर्देश दिए हैं । जिला कलेक्टरों को निर्देशित करते हुए उक्त कार्यवाही तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं । उल्लेखनीय है कि हाल ही में बजट सत्र में मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य की ओर से मानदेय वृद्धि की घोषणा व बजट प्रावधान कर दिया है । अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को राज्य सरकार की ओर से एक हजार रूपए के स्थान पर दो हजार रूपए दिया जाएगा । जिससे उन्हें भारत सरकार सहित प्रदत्त मानदेय मिलाकर कुल पांच हजार रूपए मानदेय प्रतिमा प्राप्त होगा । इसी प्रकार अब आंगनबाड़ी सहायिकाओं को राज्य सरकार की ओर से पांच सौ रूपए के स्थान पर एक हजार रूपए दिया जाएगा । जिससे उन्हें भारत सरकार सहित प्रदत्त मानदेय मिलाकर कुल दो हजार पांच सौ रूपए मानेदय प्रमिाह प्राप्त होगा ।
    इसी प्रकार मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी अब राज्य सरकार की ओर से पांच सौ रूपए के स्थान पर एक हजार रूपए दिया जाएगा । आंगनबाड़ी के आश्वासनों को पूरा किया है । इसके अलावा विधानसभा के बजट सत्र में सरकार के आगामी उल्लेख किया है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवा पूरी होने पर उन्हें पचास हजार रूपए एवं आंगनबाड़ी सहायिकाओं की सेवा पूरी होने पर उन्हें पच्चीस हजार रूपए की राशि प्रदान की जाएगी ।
    आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका मानदेय आधारित पद है, उनके लिए पेंशन जैसा कोई प्रावधान नहीं है । इसलिए यह राशि उनकी सेवा निवृत्ति के समय का एक बड़ा सहारा है । इसके अलावा राज्य शासन द्वारा पूर्व से ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं/सहायिकाओं को सेवा काल के दौरान आकस्मिक मृत्यु होने पर दस हजार रूपए एक्सग्रेशिया अर्थात् अनुग्रह राशि की सुविधा, 10 दिवस का विशेष ग्रीष्मकालीन अवकाश, प्रसुति अवकाश, बीमा योजना संबंधी सुविधाएं पूर्व से ही प्रदान की जा रही है जो पूर्ण किया जाना संभव नहीं है ।
    यह भी उल्लेखनीय है कि विभाग द्वारा समय-समय पर पत्रों का उत्तर देने एवं चर्चा करने की पहल की गई है । परन्तु बार-बार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं के हड़ताल पर जाने का उल्लंघन होने के कारण विभाग द्वारा व्यापक बालहित में उक्तानुसार कड़ा रूख अपनाया गया है ।
    यह उल्लेखनीय है कि सभी कार्यकर्ता हड़ताल पर नहीं है एवं 43 हजार 500 से अधिक आंगनबाड़ी केन्द्रों की कार्यकर्ता सहायिका हड़ताल पर नहीं गई है एवं उनके केन्द्र संचालित है ।

    ( रिपोर्ट - घनश्याम जी.वैष्णव बैरागी )
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