Participating partners:


    कुकुरमुत्ते की खेती

  • Raj Kumar
    Raj Kumar
    • Posted on September 20, 2017
    कुकुरमुत्ते की खेती
    कुकुरमुत्ते की खेती
    हमारी सरकार बिना किसी दूर दृष्टि के अंधाधुंध निर्माण कार्य में लगे हुए हैं । ऐसे निर्माण कार्य में पर्यावरण का ध्यान जरा भी नहीं रखा जा रहा है । जिसको जहाँ मर्जी हो रहा है वहीं एक भवन बनाकर चले जा रहे हैं । इससे पर्यावरण को नुकसान और संसाधन का दुरुपयोग हो रहा है । ऐसे निर्माण कार्य हमारे बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए घातक सिद्ध हो रहा है ।
    आज से कुछ समय पहले जिस मैदान में हमारे बच्चे क्रिकेट और फुटबॉल खेल कर अपने शारीरिक और मानसिक विकास को धार दिया करते थे अब वही मैदान उनके विकास का कब्रगाह बन गया है ।
    होना यह चाहिए था कि किसी भी प्रकार के निर्माण में पर्यावरण और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रख कर एक ऐसा भवन का नींव रखा जाता जिसमें आगे एक ही स्थान पर कार्यालय, विद्यालय, छात्रावास, प्रशिक्षण शाला आदि को चलाया जा सके । किन्तु, ऐसा लगता है कि अभियंता के पढ़ाई में निर्माण कार्य के द्वारा पर्यावरण को संरक्षित किया जाए इस विषय में कुछ नहीं बताया जा रहा है । इसलिए हमारे अभियंता महोदय किसी खाली स्थान में एक छोटी सी झोंपड़ी बनाता हैं तो दूसरे कोने में दूसरा झोंपड़ा ।
    बेहतर होता कि जहाँ कहीं भी भवन निर्माण करने की आवश्यकता हैं वहाँ आधार भवन को इस प्रकार बनाया जाए कि भविष्य में उसके ऊपर कई तलों का और निर्माण किया जा सके ।
    4 People like this
    Raj Kumar Jazz Kaur2 Guest Likes
    Post Comments Now
    Comments