Participating partners:


    *कब्ज़ा हटाने में बड़कई नहीं सही जगह दिलाने में है।*

  • निलांजय तिवारी
    *कब्ज़ा हटाने में बड़कई नहीं सही जगह दिलाने में है।*

    इस रफ़्तार को दुनिया में। जहाँ लोग ऑडी, मर्सडीज जैसी बड़ी गाड़ियों में घूमने का शौख रखते है। वही दिन प्रतिदिन सड़को से फूटपाथ वैसे ही गायब होता जा रहा है ठीक जैसे *घर के सामने से दुआर हो गया है*। ये जो कब्जा है ये कोई आज का नहीं। ये पुश्तैनी है। फूटपाथ पर यूँ कब्ज़ा होना कोई सवाल या मुद्दा नहीं मेरे हिसाब से लेकिन प्रशासन की नाकामी है। ये कब्ज़ा हमारे और आपके घर के सामने नही होता है। ये अक्सर चौकी और थानो के सामने ज्यादा मिलेगा। उसका जवाब भी आप जनते हैं क्यूँ । ;) सालो से सोए इस प्रशासन की जिम्मेदरी आज ये नही की वो कब्ज़ा हटाये। बजाए इसके प्रशासन को उन दूकानदारो को मूलरूप से एक जगह आवंटित करनी चाहिए (किराए पर) अपने कारोबार के लिए। यहाँ हटाया तो कल कहीं और न लगे इसलिए ऐसा होना चाहिए।
    Guest likes 1
    Post Comments Now
    Comments