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    भिलाई टाउनशिप निजीकरण की ओर :

  • Ghanshyam Bairagi
    Ghanshyam Bairagi
    • Posted on January 8
    भिलाई टाउनशिप निजीकरण की ओर :

    टाउनशिप के निजीकरण का होगा विरोध :
    भिलाई शहर अब अपने अस्तित्व के लिए लड़ता दिख रहा है, जहाँ नागरिक सुविधाएँ कम होती जा रही है । इसी मुद्दे को लेकर, एक प्रतिनिधिमंडल ने उप महाप्रबंधक प्रभारी नगर सेवाएं विभाग भिलाई इस्पात संयंत्र अशोक पति को टाउनशिप के निजीकरण के विरोध में पत्र सौंपा |
    ज्ञातव्य हो कि भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन, सुनियोजित तरीके से टाउनशिप का निजीकरण करने की दिशा में आगे बढ़ रही है ,जो कि, जन-विरोधी कदम है | भिलाई इस्पात संयंत्र के निर्माण के साथ-साथ संयंत्र में कार्य करने वाले कर्मियों एवं उनके परिवार को रहने हेतु इस टाउनशिप का निर्माण किया गया था , जो कि संयंत्र की जिम्मेदारी  है |
    प्रतिनिधिमंडल में सीटू के कार्यकारी अध्यक्ष पूरन वर्मा तथा सीटू नेता रविशंकर, शेख महमूद, विजय जांगडे तथा आशीष दास शामिल थे |
    प्रबंधन अपनी जिम्मेदारियों से हाथ खींच रहा है
    भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन अब धीरे-धीरे करके नागरिक सुविधाओं में कटौती करने के साथ-साथ नागरिक सुविधाओं से ही अपना हाथ खींचते हुए निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रहा है | यह कदम कर्मियों की परिवार की सुरक्षा के प्रति लापरवाही के साथ साथ कर्मियों के मनोबल को गिराने वाला भी होगा, जिसका प्रतिकूल असर संयंत्र के उत्पादन पर भी पड़ेगा | इन तथ्यों के मद्देनजर हिंदुस्तान स्टील एंप्लाइज यूनियन सीटू के प्रतिनिधिमंडल ने टाउनशिप के किसी भी विभाग या अनुभाग का निजीकरण करने का फैसले अथवा सोच पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है |
    € ऑनलाइन दिखे संयंत्र आवास का आबंटन -
    सीटू ने यह भी माँग रखी है कि सारे मकानों का आबंटन ऑनलाइन दिखाया जाना चाहिए ताकि यह स्पष्ट पता चल सके कि कौन सा मकान किस को आबंटित है और कौन सा मकान अवैध कब्जे में है | आवास आबंटन सेक्शन को संयंत्र के भीतर होना चहिये ताकि अनावश्यक बाहरी हस्तक्षेप तथा दलाली बंद हो सके |
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    - घनश्याम जी.बैरागी
    08827676333
    gbairagi.enews@gmail.com
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