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    कहीं "सेल" भिलाई से खत्म ना हो जाये ? सीटू ने की थी जोरदार पहल ।।

  • Ghanshyam Bairagi
    Ghanshyam Bairagi
    • Posted on December 16, 2017
    कहीं "सेल" भिलाई से खत्म ना हो जाये ? सीटू ने की थी जोरदार पहल ।।

    सेल को बचाने रेल प्रोडक्शन को लेकर सीईओ से चर्चा, पेश किए गये थे कई सुझाव :
    रेल मिल की उत्पादन, उत्पादकता को लेकर हिंदुस्तान स्टील एंप्लाइज यूनियन (सीटू) की रेल मिल विभागीय समिति के प्रतिनिधि मंडल ने भिलाई इस्पात संयंत्र के मुख्य कार्यपालक अधिकारी से मुलाकात कर विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की थी | |
    < स्थाई प्रकृति वाले कार्यों का ठेकाकरण ना करे –
    भिलाई इस्पात संयंत्र के अधिकाश विभाग पूरी तरीके से मैनुअल है जिसमें से रेल मिल भी एक है | मैनुअल मिलो से उत्पादन करने के लिए मशीनों के साथ साथ दक्ष मानव श्रम शक्ति की आवश्यकता होती है| मैन पावर कम होने पर इसका असर उत्पादन पर पड़ता है | लगातार मैनपावर घटने के कारण मिल प्रबंधन ने रेल मिल के स्थाई प्रकृति वाले क्षेत्रों में अकुशल ठेका श्रमिकों से काम लेना आरंभ कर दिया है | जिसके नतीजे स्वरूप मिल की मशीनरी सहित उत्पादन पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है | इस समस्या के समाधान हेतु कुशल मैन पावर की कमी को पूरा करने की आवश्यकता है |
    < अधिकारीयों की कमी से उत्पादन पर प्रभाव –
    URM में RSM के अधिकारियो के विशेष सहयोग के चलते रेल मिल में अधिकारियों की कमी महसूस की जा रही है | खासकर शिफ्ट चलाने हेतु शिफ्ट मेनेजर की कमी मिल , फिनिशिंग तथा एलआरपी में पड रही है | फिनिशिंग के बड़े अधिकारी उत्पादन के वक्त अक्सर नदारत रहने की स्थिति हमेशा से बनी हुई है एक समय “रेल है तो सेल है” नारा के साथ 1999 से लेकर 2004 तक एक नया अध्याय लिखा गया था किंतु अधिकारियों की तरफ से लगातार उदासीनता के चलते प्रतिकूल असर कर्मचारियों पर पड़ रहा है और कर्मचारी मोटिवेट होने के बजाय डी- मोटिवेट होते जा रहे हैं | फिनिशिंग में एक शिफ्ट में लगभग 120 लोग कार्य करते हैं जिंहें मैनेज करने के लिए एक शिफ्ट मैनेजर एवं एक चार्ज मैन ही उपलब्ध होता है जो पर्याप्त नहीं है | हैण्ड टिल्टिंग, स्टैंड चेंजिंग,पलपिट एवं अन्य महत्वपूर्ण जगहों में काम करने वाले बहुत से साथी सेवानिवृत्त होते जा रहे हैं | 20 से 25 वर्षों से रेल पलटी का कार्य कर रहे कर्मी अब शारीरिक रुप से कमजोर होने लगे हैं जिसका असर वहां के कार्य पर पड़ रहा है |
    < उत्पादन उत्पादकता का संतुलन जरुरी –
    यदि कास्ट कंट्रोल के नाम पर आवश्यक उपकरण, स्पेयर पार्ट अथवा मैन पावर में कटौती की जाएगी तो इसका प्रतिकूल असर संयंत्र के उत्पादन पर ही पड़ेगा | उत्पादन उत्पादकता का नियमानुसार संयंत्र में कितने कर्मचारी हैं एवं कितना उत्पादन किया जा रहा है इस सबका एक अनुपात होता है कर्मचारी बढ़ने के साथ-साथ यदि संयंत्र का उत्पादन बढ़ जाता है तो आप की उत्पादकता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है अतः कॉस्ट कंट्रोल के नाम पर मैन पावर को कम करना मानव श्रम शक्ति पर चलने वाले संयंत्र के हित में नहीं है । इसीलिए मैन पावर का उचित प्रबंध किया जाना चाहिए | मिल साइड कैंटीन के स्थायी स्ट्कचर निर्माण को शीघ्र प्रारंभ करने की आवश्यकता है |
    < संयंत्र को घाटे से उबारने के लिए सभी दे सुझाव –
    पारंपरिक तरीके से अलग हटकर कर्मियों से सुझाव लेने एवं उस पर अमल करने के विषय पर सीईओ से चर्चा करते हुए सीटू यह मानता है कि सुझाव शिक्षा, ग्रेड या ओहदे का मोहताज नहीं होता किसी उच्च पद पर कार्य करने वाले के दिमाग में जिस बात की सोच तक नहीं आती उसी मुद्दे पर संयंत्र में कार्य करने वाले ठेका श्रमिक के दिमाग में भी अच्छे से अच्छा सुझाव आ सकता है |
    अतः स्टील मार्केट में आया हुआ संकट एवं भिलाई इस्पात संयंत्र के प्रोजेक्ट में हुई देरी तथा नए प्रोजेक्टों से उत्पादन करने में आ रही दिक्कतों के मद्देनजर सीटू स्थाई एवं ठेका कर्मियों से अपील किया कि संयंत्र के उत्पादन को बढ़ाने तथा नए प्रोजेक्ट के उत्पादन को उसके मांपित क्षमता तक पहुंचाने हेतु यदि उनके दिमाग में कोई सुझाव आता है तो उसे निश्चित रूप से पेश किया जाना चाहिए जिससे संयंत्र को फायदा हो सकता है एवं हम घाटे से जल्द से जल्द उबार सकते हैं |
    < उत्पादन एवं संघर्ष एक दूसरे के पूरक –
    उत्पादन एवं संघर्ष दोनों एक दूसरे से अलग नहीं होते | उत्पादन के रफ्तार को बनाए रखने के लिए संघर्ष करना पड़ता है और संघर्ष को तेज करने के लिए उत्पादन की रफ्तार को बनाए रखना पड़ता है | जब 2013 की मान्यता चुनाव में सीटू सर्वाधिक वोट लेकर मान्यता प्राप्त यूनियन बनी, तब से पिछला 4 साल इस बात का गवाह है कि सीटू ने एक तरफ जहां संयंत्र को बचाने और संयंत्र विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्षों को तेज किया है, वही संयंत्र के उत्पादन को बनाए रखने के लिए समय-समय उच्च स्तरीय प्रबंधन के साथ बैठक कर अपने सुझाव को पेश कर योगदान देता रहा है |
    < मेंटेनेंस के अभाव में मशीन जर्जर-
    कार्ययोजना के अनुसार जब URM आएगा तब
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