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    भोजपुरी की मान्यता( अष्टम अनुसूची के द्वार पर भोजपुरी मानो भाषाई सुदामा जी )

  • Amit k. Pandey 'Shashwat'
    Amit k. Pandey 'Shashwat'
    • Posted on September 28, 2016
    भोजपुरी की मान्यता( अष्टम अनुसूची के द्वार पर भोजपुरी मानो भाषाई सुदामा जी )
    एक बार कतिपय आधुनिक विद्वानों ने भोजपुरी को व्याकरण की दृष्टि से लिंग - भेद में निर्बंध बताके उपेक्षित किया . तब बिहारी भाषा के प्रबल पक्षधर और भोजपुरी पत्रिका संपादक रास बिहारी पांडेय ने एक जोक्स प्रकाशित किया था .जानें ----" तथाकथित विद्वान - भोजपुरी में लिंगभेद पता नहीं चलता की स्त्रीलिंग है या की पुरुषलिंग .( सबको तोरा - मोरा करते हैं ) . भोजपुरी समर्थक -- ठीक कहत बाडू. " किसे किसकी कहें मित्रों .जगे को जगाना , लाख बनेंगे बहाना.
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