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    दुल्हन की बहन

  • Amit k. Pandey 'Shashwat'
    Amit k. Pandey 'Shashwat'
    • Posted on October 2
    दुल्हन की बहन
    दुल्हन के बातूनी बहन को सबने खूब समझा दिया . किसी प्रकार से अटार - पटर नहीं बोलना . फिर दुल्हन ने भी बताया - देख टी वी में दिखता है ना की लड़की देखने आने वालों के सामने उसकी बहन किस तरह से बिस्कुट खाते हुए अपने ही बहन के भेद बोल देती है . वैसा ही मत करना . सभी वर पक्ष के आ गए तो दुल्हन को बुलाया गया . दुल्हन लजाते सकुचाते आ के बैठी . घर गृह्श्थी , पढ़ाई लिखाई आदि के विषय में दोनों ओर से पूछ ताछ के बाद मामला लगभग सेट हो चला था . तभी लड़के को जोरदार खांसी होने लगी . दुल्हन की बहन को पानी लाने के लिए कहा गया . उसे देर होते देख के दुल्हन को मौके अनुसार पिता ने बहन के पीछे भेजा . बहन पानी लेकर दरवाजे के पीछे खड़ी थी . दुल्हन ने उसे धमकाया तो बहन ने बड़े धीमे से भेदभरी आवाज में कहा - अरे दी , इतना अच्छा अवसर हाथ है, तुम पानी जूठा कर दो . जीजा जी तुमपे दीवाने हो जाएंगे . दुल्हन ने आव देखा ना ताव झट से ऐसा ही किया . फिर दोनों पानी लेकर गई . लड़के ने पानी पी तो उसे आराम हुआ . लड़के के पिता ने दुल्हन की बड़ाई में पुत्र से कहा -देखों दुल्हन की हाथ में कितना असर है . दुल्हन की बहन से अब ना रहा गया . वह बोल पडी -अंकल जी , हाथ में ही नहीं मुंह में खूब असर है . यही नहीं मेरे भी मुंह का असर जीजा जी को पानी से हुआ ,और पीते ही ठीक हो गए .
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