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    ऐसा नहीं है कि आम नागरिक ही अपने मौलिक अधिकारों के हनन के खिलाफ देश की सबसे बड़ी अदालत पहुंचते हैं

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    • Posted on May 24
    ऐसा नहीं है कि आम नागरिक ही अपने मौलिक अधिकारों के हनन के खिलाफ देश की सबसे बड़ी अदालत पहुंचते हैं
    ऐसा नहीं है कि आम नागरिक ही अपने मौलिक अधिकारों के हनन के खिलाफ देश की सबसे बड़ी अदालत पहुंचते हैं. खुद जजों को भी कभी-कभी इसकी जरूरत पड़ जाती है. ऐसे ही मामले में उत्तराखंड के तीन सिविल जजों ने अपने अधिकारों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई और कोर्ट से उन्हें राहत भी मिली.
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