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    Article 35A

  • Vandana Singh
    Vandana Singh
    • Posted on August 10
    Article 35A
    जम्मू कश्मीर शरणार्थियों को आजादी कब ????

    अनुच्छेद ३५अ (35A) संविधान में न होते हुए भी जम्मू कश्मीर में लागू है, अनु 35A संविधान के मुख्य भाग में नही अपितु परिशिष्ट में है ।अनु 35A को अनु ३७० की उपधारा (१) के अन्तर्गत ही राष्ट्रपति द्वारा १९५४ में पारित किया गया था , जब कि हमारे संविधान में संविधान संशोधन का अधिकार संसद को है । अनु 35A ने जम्मू कश्मीर की विधान सभा को यह अधिकार दिया है कि वह राज्य के स्थायी नागरिक की परिभाषा तय कर सकेंगे ।१९४७ में भारत विभाजन के समय जो लोग पाकिस्तान से आकर जे एण्ड के मे बस गये थे वो आज भी जे एण्ड के मे शरणार्थी ही कहलाते है इन्हें वोट का अधिकार नहीं है साथ ही राज्य की मौलिक सुविधाएँ ये लोग नहीं ले सकते । अनु 35A तो वैसे ही असंवैधानिक है इसे मान. सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी गई है, इसी से बौखलाए कुछ तथाकथित नेता जो कश्मीर को अपनी जागीर समझते है बिलबिला रहे हैं , शायद कश्मीर उन्हे अपने हाथ से फिसलता हुआ दिख रहा है ।
    पाक अधिकृत कश्मीर से भगाए गए कश्मीरी पंडित व शिया कश्मीर के ही है किंतु आज तक वो कश्मीर में शरणार्थी ही गिने जाते है । ये संख्या में लाखों में है किंतु अनु 35A ने इन्हें वोट के अधिकार से वंचित कर दिया है । सरकार को इस पर गम्भीरता से सोचना होगा क्योंकि अनु 35A असंवैधानिक है जिसके कारण बीसियों सालों से भारत के ही नागरिक अपने मौलिक अधिकारो से वंचित हैं , ये वो है जो आजाद भारत में रहते तो है किंतु आजाद नही ।
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    Comments (1)
    • Vandana Singh
      Prakash Anand ...ek boore tarah phailaa hooa maanseek bhraantee hi...Haanlkee sab aazaad hi...