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    पचास साल बाद भी सुविधाओं का नहीं होना ! यह मुद्दे ही तो हैं !! जिनका समाधान कभी होगा ? :

  • Ghanshyam Bairagi
    Ghanshyam Bairagi
    • Posted on December 20, 2017
    पचास साल बाद भी सुविधाओं का नहीं होना ! यह मुद्दे ही तो हैं !! जिनका समाधान कभी होगा ? :
    आई.सी.एस. बैठक संपन्न ;
    मुद्दे कहीं, वहीं के वहीं नोटबंदी रह जाए :

    भिलाई इस्पात प्रबंधन के साथ हिंदुस्तान स्टील एंप्लाइज यूनियन, (सीटू) की उच्चस्तरीय समिति की बैठक इंटरनल कस्टमर सेटिस्फेक्शन के संबंध में संपन्न हुई |
    इस बैठक में सीटू की तरफ से कार्यकारी अध्यक्ष पूरन वर्मा, उपाध्यक्ष वेणुगोपाल, रुखम सिंह तारम सहायक महासचिव सविता कुमारी, एस.एस.के.पनिकर, संगठन सचिव टी.जोगाराव, कार्यालय सचिव मिथिलेश कुमार साहू तथा अनिल शेखर एवं कोषाध्यक्ष संतोष कुमार वर्मा उपस्थित थे | प्रबंधन की ओर से ए.के.साहू, सूरज सोनी, अमूल्य प्रियदर्शी, शिखा दुबे, श्रीकांत रामाराजू, बीजू जार्ज एवं अमृता त्रिपाठी शामिल थे |
    < प्रमुख बातें -
    < बी.पी. तथा शुगर दवाइयां रिपीट व्यवस्था हो ओर दुरुस्त –
    दवाएं रिपीट करने के लिए मरीजों को अस्पताल में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है ! इस व्यवस्था को सुधारने की मांग की गई | ब्लड शुगर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है | शिफ्ट ड्यूटी के कारण कर्मचारियों के स्वास्थ्य में विभिन्न प्रकार की समस्याएं आती रहती है | ब्लड प्रेशर तथा शुगर की दवाई एक महीने के लिए दी जाती है, एक महीने के बाद फिर से मरीज को डॉक्टर से मिलकर दवाई को रिपीट करवाना होता है इसके लिए विशेष काउंटर की व्यवस्था की गई है लेकिन मरीजों की संख्या बहुत ज्यादा होने के कारण और वैकल्पिक व्यवस्था किये जाने की आवश्यकता है |
    < अस्पताल में डॉक्टर की कमी का मुद्दा उठाया –
    भिलाई का सर्वश्रेष्ठ जवाहरलाल नेहरु चिकित्सा एवं अनुसंधान केंद्र डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है | इस समस्या के समाधान के लिए तत्काल प्रयास किए जाने की आवश्यकता है | जिस पर समिति ने अपनी सहमति जताई तथा इसके लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया |
    < ट्रकों का हो फिटनेस टेस्ट-
    भिलाई इस्पात संयंत्र के अंदर कई ऐसे ट्रक हैं जो 15 से 20 साल तक पुराने हैं इनमें से कई ट्रकों का डाला टेढ़ा हो गया है, किसी का टूटा फूटा है , लेकिन उनकी जांच करने या उनके सुरक्षित परिवहन की संभावनाएं तलाशने का कोई माध्यम नहीं ढूंढा गया है ; इसकी वजह से दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ रही है ।
    अतः सभी ट्रक जो भिलाई इस्पात संयंत्र के अंदर चल रहे हैं उनकी फिटनेस की जांच होनी चाहिए तथा अनफिट पाए जाने वाले ट्रकों को संयंत्र कर्मियों की सुरक्षा के लिहाज से प्लांट से बाहर निकाल देना चाहिए |
    < संविधिक समितियां बनाने पर प्रबंधन मौन –
    अभी तक विभागीय स्तर पर सेफ्टी कमेटी एवं केंटिन मेनेंजिंग कमेटी नहीं बन पाई है | इस पर प्रबंधन मौन रहा एवं कुछ भी कहने से बचते नजर आये |
    < सेवा का चुनाव जल्द हो –
    सेवा का चुनाव 30 नवंबर तक किया जाना प्रस्तावित था, लेकिन दिसंबर 30 आ रहा है अभी भी सेवा के चुनाव के संबंध में किसी प्रकार की घोषणा या तैयारी या संदेश नहीं आया है, इस पर भी सीटू ने गहरी चिंता व्यक्त की |
    < शव वाहन की व्यवस्था -
    भिलाई इस्पात संयंत्र महारत्न कंपनी है लेकिन यहां कर्मियों, कर्मियों के आश्रितों एवं सेवा निवृत कर्मियों के लिए शव वाहन की व्यवस्था बेहद जर्जर है |
    यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि भिलाई इस्पात संयंत्र को निरंतर सेवाएं देने वाले कर्मियों तथा उनके आश्रितों के शव को उन्ही ट्रकों पर लादा दिया जाता है जिनमे मशीनों का परिवहन होता है | कई कंपनियां अपने श्रमिकों को सम्मानजनक विदाई देने के लिए बेहतरीन शव वाहन की व्यवस्था करती है लेकिन भिलाई इस्पात संयंत्र इस मामले में बेहद संवेदनहीन रवैया अपनाये हुए है | इस पर सुधार किया जाना चाहिए तथा सम्मानजनक ढंग से ले जाने लायक शव वाहन की व्यवस्था की जानी चाहिए | इस पर समस्या को आगे तक पहुंचाने का आश्वासन दिया |
    < संयंत्र के क्लबों की व्यवस्था हो ऑनलाइन –
    भिलाई इस्पात संयंत्र के सभी सेक्टरों में क्लब बने हुए हैं यह क्लब पर्याप्त जगह में बने हुए हैं जहां पर शादी जैसे आयोजन भी संपन्न किए जा सकते हैं लेकिन कुछ लोग कई सालों से इन क्लबो में जमे हुए है और वे क्लब के मालिक की तरह व्यवहार करते हैं , कई क्लबों में चुनाव नहीं हुआ है और वही पदाधिकारी सालों से अपने पद पर काबिज है इन सब के चलते अक्सर क्लब भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारियों को उनकी आवश्यकता पर उपलब्ध उपलब्ध नहीं हो पाते हैं इसलिए क्लब बुकिंग व्यवस्था को ऑनलाइन किया जाए तथा क्लबो की नियमित चुनाव करवाई जाए |
    < विभागाध्यक्षों के साथ हो मासिक बैठक –
    प्रत्येक विभाग के विभागाध्यक्ष अपने विभाग के पदाधिकारियों के साथ मानसिक समस्याओं के समाधान के लिए चर्चा करें ताकि विभागीय समस्याओ का समाधान निकाला जा सके |
    < संयंत्र कर्मियों को अवकाश में आ रही है दिक्कत –
    संयंत्र कर्मियों को अवकाश में दिक्कत आ रही है ।
    ज्ञातव्य हो कि भिलाई इस्पात संयंत्र में फेस्टिवल का नगदीकरण बंद हो चुका है जिसके चलते कर्मी विभिन्न फेस्टिवल में छुट्टियाँ लेना चाहते है किन्तु प्रबंधन अपनी सुविधा के अनुसार छुट्टी देना चाहता है जो की गलत है |
    < टाउनशिप में समस्याओं का अंबार -
    भिलाई टाउनशिप में 15 सेक्टर अलग-अलग जोन में स्थित हैं । इनके अंदर हजारो कंप्लेंट पेंडिंग है इनमें से अधिकांश कई कई साल पुराने हैं जबकि टाउनशिप कम्पलेंट पर तुरंत कार्यवाही होनी चाहिए , वेलकम भी नहीं हो पा रहा है अतः वेलकम के लिए बजट का प्रावधान बढ़ाया जाना चाहिए ताकि कर्मियों को बेहतर क्वार्टर मिल सके |
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    - घनश्याम जी.बैरागी
    08827676333
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