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    क्या पाकिस्तान विनाश की कगार पर है?

  • Bidhya Bhushan
    Bidhya Bhushan
    • Posted on June 14
    क्या पाकिस्तान विनाश की कगार पर है?
    ये कहना गलत नहीं होगा कि भारत विश्व भर में जितने भी कामयाबी के तिरंगे लहराया है, वो काबिल-ए-तारीफ है। चाहे रक्षा की बात करें या फिर कम पैसों में मंगल मिशन पूरा करने का, चाहे खेल की बात करें या फिर फिल्म का या फिर विश्व भर में सबसे अधिक सॉफ्टवेयर बनाने का आदि । हर क्षेत्र में कामयाबी पाकर भारत ने मिसाल कायम किया है। लेकिन क्या किया जाए भारत में कुछ ऐसे लोग हैं जो अपनी सेना को अपमानित करने से नहीं चूकते। सेनाअध्यक्ष को सड़क का गुंडा बता देते हैं और माफी भी मांग लेते हैं। कभी- कभी तो उन्हें जनरल डायर भी कह दिया जाता है।जरा सोचिए पापड़ सेंकने वाली गर्मी और हड्डियों को गला देने वाली ठंड में रहकर हमारी सेना देश की रक्षा करते हैं और उन्हें अपने ही देश में अपमानजनक टिप्पणियों का सामना करना पड़े तो बताइए उन पर क्या बीतती होगी? उन शहीदों के परिवारों पर क्या बीतती होगी जो अपने साहस का परिचय देते हुए दुश्मनों से लोहा लिया। बेशक! बहुत ही तकलीफ होती होगी। इनलोगों को एक बात जरूर समझ लेना चाहिए कि हमारी सेना बोलने में नहीं, पराक्रम दिखाने में विश्वास करती है। और हाँ ऐसी तुच्छ बातें करने वालों के लिए देश की जनता एक सुझाव देना चाहेगी : बहुत ही सुंदर कहावत - पहले सोचो, समझो फिर बोलो । और अगर नहीं समझ में आता है तो चुप ही रहना चाहिए। बिना मतलब बोलने से इज्जत जाती है, आती नहीं।
    पाकिस्तान ने भी विश्व भर में अपनी खूब पहचान बनायी बल्कि, भारत से भी अधिक पर अफसोस आतंकवाद के क्षेत्र में।
    पाकिस्तान में केवल कहने को लोकतांत्रिक सरकार है,असल में वहां की सरकार तो पाक आर्मी ही है। पाक सेना जिस तरह से आतंकवादियों को कवर फायर देकर भारत में भेजता है और भारतीय सेना की गोलियों का शिकार हो जाता है। इससे तो एक बात साफ हो जाती है कि पाक आर्मी को अपनी शक्ति पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है इसी कारण बचपन से ही आतंकवादियों का सहारा लेता रहा है। इससे अच्छा है कि पाक अपनी आवाम पर ध्यान दें और अपने देश की प्रतिभा(आतंकवाद को छोड़कर) को पहचाने तथा अपने देश को विश्व में अपनी नई पहचान दिलाए। पाक सुधर जाओ, अभी भी मौका है भारत में आतंकवादियों को भेजना बन्द करों कहीं ऐसा न हो कि इतिहास बनाने के चक्कर में खुद इतिहास बन जाओ। यदि गलतफहमी है तो 2016 में हुए सर्जिकल स्ट्राइक को याद कर लेना। और हां भारत एक रुपये में केस जीत सकता है लेकिन आप 5 करोड़ खर्च कर के भी नहीं। ऐसा क्यों? क्योंकि भारत सत्य का सहारा लेता है और तुम आतंकवाद का।
    जय हिंद! जय भारत!
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    Firoz Ansari1 Guest Likes
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