Participating partners:


    ख्वाइश

  • Vandana Singh
    Vandana Singh
    • Posted on August 9, 2017
    ख्वाइश
    ख्वाइशों को
    दिल मे दवाए
    दरवाज़ा बंद करके
    कब से बैठी थी
    नन्ही सी आशा नें
    दस्तक दी दिल पर
    खोला दरवाज़ा
    तो देखा सामनें
    मासूम ख्वाइश खड़ी थी
    --वंदना सिंह
    पत्नी श्री एस एन सिंह( कुलपति )
    म मो म प्रौ वि गोरखपुर
    ( उ प्र )
    Guest likes 6
    Post Comments Now
    Comments