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    है आँखों में नींद नहीं

  • Dhananjay Tiwari
    Dhananjay Tiwari
    • Posted on July 13
    है आँखों में नींद नहीं
    है आँखों में नींद नहीं
    मंजिल का स्वपन जो आया है|
    बीत गयी असंख्य राते कही,
    बड़ी शिद्दत से मौका पाया है||

    बिछड़ गए अनगिनत पल विचार में ही,
    अब कर गुजरने का वक़्त आया है|
    देर आये दुरुस्त ही सही,
    उन विचारो ने ही परचम लहराया है||

    बाँध कफ़न अब परिश्रम का,
    परिस्तिथिओ से लगन के साथ टकराना है|
    है ये कठिन सफर मिलो का,
    आहिस्ता आहिस्ता ही सही पर हर हाल में पाना है||

    " नहीं है मुश्किल कुछ भी,
    बन्दे ठान तोह सही|
    झुक जाएंगी परिस्तिथिआ भी,
    अपने अंदर झांक तोह सही||"
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