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    कश्ती इश्क की

  • samar bhaskar
    samar bhaskar
    • Posted on March 21
    कश्ती इश्क की
    कभी इश्क की कश्ती लगती नहीं किनारे ||
    हर तरफ रास्ता रोकती है दुनिया की दीवारे||
    अक्सर टूट जाती है पतवार प्यार की,,
    और डूब जाते हैं अधूरे अरमा सारे||||||||||||||||||
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