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    अभी भी कमी नजर आ रही है :

  • Ghanshyam Bairagi
    Ghanshyam Bairagi
    • Posted on April 9
    अभी भी कमी नजर आ रही है :


    आधार कार्ड बनने से चिंता दूर हुई !
    तब पेन कार्ड जरुरी क्यों ?

    शासन के विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता किए जाने से आधार कार्ड बनाने से वंचित लोगों को योजनाओं का लाभ नहीं मिलने से चिंता होना स्वाभाविक है.
    ऐसे में अगर आधार कार्ड उनके गांव में ही बनाये जाए तो लोगों को होने वाली परेशानी से निजात मिलने में मदद मिली है.
    दुर्ग जिले के रानीतराई में आयोजित समाधान शिविर में आधार पंजीयन शिविर लगाया गया. यहाँ 20 से अधिक लोगों का आधार पंजीयन किया गया है.
    लोगों ने कहा कि अब वे भी शासन की योजनाओं का लाभ ले सकेंगे.
    वैसे भी कुछ दिनों पहले, यह खबर आई थी ; छत्तीसगढ़ में आधार कार्ड को लेकर अब माथापच्ची नहीं होगी ! जैसा कि, गांवों में शासकीय राशन दुकानों में देखा जाता रहा है ।
    मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि राशन कार्ड बनवाने के लिए आधार कार्ड फिलहाल अनिवार्य नहीं है ! अन्य वैकल्पिक पहचान पत्रों के आधार पर भी राशन कार्ड जारी किए जा सकते है.
    डॉ. सिंह गत दिनों, लोक सुराज अभियान के तहत जिला मुख्यालय राजनांदगांव कलेक्टोरेट में दो जिलों राजनांदगांव और कबीरधाम (कवर्धा) के अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक ले रहे थे. तभी उन्होंने यह बााा कही. जो निश्चित रुप से आदेश ही माना गया.
    लेकिन,
    अब पेन-कार्ड को लेकर बैंकों की सख्ती देखी जा रही है, जहाँ जिले की ही कुछ बैंक पेन कार्ड की अनिवार्यता खाताधारकों के लिए अनिवार्य करती दिखाई दे रही है. चाहे वह पेंशन धारी ही क्यों न, हों ?
    बालोद जिले के एक बैंक मैनेजर का तो यहाँ तक कहना होता है, कि आधार कार्ड और पेन कार्ड लिंक करके भी हम नहीं जानते सकते कि, खाताधारक कहीं और से इंकम प्राप्त कर किसी अन्य बैंक में रख रहा होता है !
    अब ऐसे में ग्रामीण जनता क्या करें ? जो मंगाया, वही दे.

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