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    नेता और नशा

  • Amit k. Pandey 'Shashwat'
    Amit k. Pandey 'Shashwat'
    • Posted on October 7
    नेता और नशा
    दो मित्र थे . एक को नशे की लत्त और एक को नेतागीरी की . एक नशे में किसी के भी द्वार को पीटने लगता . कभी - कभी किसी घर में घुस भी जाता . नतीजा दंड का भी भागी हो जाता . नेता भी तो अपने आका के पक्ष में कुछ भी कह डालता . चाहे जनता को सच लगे या झूठ, लेकिन आका हो खुश. लेकिन कभी कभी जनता की बदसलूकी भी झेलता . और वहीँ नेता फायदे के अनुसार दूसरे पार्टी में मिलने पर नए आका के लिए कसीदे दुहराता .दोनों मित्रों में सब कुछ सामान . अंतरमात्र ---- "एक आपे से बाहर का और एक खाली अपने आपका" .
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