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    ये जिंदगी

  • vijay kumar
    vijay kumar
    • Posted on November 23, 2016
    ये जिंदगी
    shayari

    ये जिंदगी तेरे साये में जी जाऊ कैसे .
    हर dam लड़ता हु तुझमे रह पाव कैसे.
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